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July to September 2026 Article ID: NSS10000 Impact Factor:8.05 Cite Score:20 Download: 0 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.10000 View PDf
कुँअर बेचैन की कविताओं में मानवीय संवेदना
प्रीति रामरतन नागौर
शहीद भीमानायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बड़वानी (म.प्र.)
शोध सारांश- हिन्दी साहित्य में डॉ.
कुँअर बेचैन
का काव्य-साहित्य मानवीय जीवन की विविध अनुभूतियों, संघर्षों और संवेदनाओं की सशक्त
अभिव्यक्ति के लिए विशिष्ट स्थान रखता है। उनकी कविताओं में व्यक्ति और समाज के पारस्परिक
संबंधों के साथ-साथ प्रेम, करूणा, पीड़ा, संघर्ष, आशा, निराशा, सामाजिक विशमता, शोषण,विसंगति
तथा मानवीय मूल्यों के प्रति गहरी चिंता दिखाई देती है। कवि ने अपने समय के सामाजिक
एवं समसामयिक जीवन को संवेदनशील दृष्टि से देखा और मार्मिक काव्य-अभिव्यक्ति प्रदान
की है।
