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July to September 2026 Article ID: NSS10001 Impact Factor:8.05 Cite Score:4 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
समकालीन हिंदी साहित्य और सिनेमा
श्रीमती कल्पना पांडेय शुक्ला
सहायक प्राध्यापक (हिंदी) स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट इंग्लिश मिडियम मॉडल कालेज, धनोरा, दुर्ग, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
प्रस्तावना– साहित्य और सिनेमा हमेशा से एक दूसरे के पूरक रहे हैं। जहां सिनेमा
जन चेतना में अपना स्थान बनाने में सक्षम है उसकी लोकप्रियता निरंतर बनी रहती है वह
समाज में परिवर्तन लाने का मुख्य साधनहै वह तब संभव है जब उसकी कथावस्तु प्रभावशाली
रहे और जन मानस को प्रभावित कर सके हिंदी साहित्य ने सिनेमा को प्रसिद्धि दिलाने में
अहम भूमिका निभाई है। जब भी ऐसा लगा कि सिनेमा का अस्तित्व खतरे में है उसने हमेशा
हिंदी साहित्य की ओर उम्मीद से देखा है।
