-
January to March 2024 Article ID: NSS8524 Impact Factor:7.60 Cite Score:74507 Download: 384 DOI: https://doi.org/76 View PDf
वर्तमान में जलवायु परिर्वतन के दुष्प्रभाव, वित्तीय सहायता एवं निवारण हेतु उपाय
अंचल रामटेके
सहायक प्राध्यापक (प्राणि शास्त्र) राजाभोज शासकीय महाविद्यालय, मण्डीदीप, जिला रायसेन (म.प्र.)
शोध सारांश- जलवायु का तात्पर्य किसी
क्षेत्र विशेष में रहने वाले औसत मौसम से होता है। वर्तमान में जलवायु परिवर्तन का
दुष्प्रभाव स्पष्ट रूप से मानव जीवन, कृषि, मौसम तथा पशुओं पर देखा जा सकता है । ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन तथा निर्वनीकरण
के कारण जलवायु में परिवर्तन हो रहा है। जिससे तापमान में वृद्धि, तुफान, सूखा, परिस्थितिक
तंत्र पर प्रभाव स्वास्थ्य पर प्रभाव, भोजन में कमी, मृदा की गुणवत्ता में कमी, आदि
प्रभाव उत्पन्न हो रहे है । इन परिवर्तनों को रोकने हेतु विश्व बैंक द्वारा UNFCCC, LDCF, SCCF, एडेप्टेशन फंड, हरित जलवायु
कोष की स्थापना तथा वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। अतः जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों
के निराकरण हेतु प्रतिरोधक कृषि को बढावा देना, बडे बांधों को मजबूत बनाना, भू जल संरक्षण
, तटों की सुरक्षा, सौर ऊर्जा को बढावा देना आदि उपाय किए जाने चाहिए।
