• April to June 2024 Article ID: NSS8672 Impact Factor:8.05 Cite Score:98982 Download: 443 DOI: https://doi.org/ View PDf

    स्वर्ण ऋण योजना के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक की भूमिका

      राधा पासी
        शोधार्थी, गो.से.अर्थ वाणिज्य महाविद्यालय (स्वशासी), जबलपुर (म.प्र.)
      डॉ.अशोक सोनी
        मार्गदर्शक,विभागाध्यक्ष (वाणिज्य) हवाबाग महिला महाविद्यालय, जबलपुर (म.प्र.)

शोध सारांश-  वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा वाले देश में स्वर्ण ऋण मार्किट सबसे अधिक चर्चा वाले विषयो में से एक बन गया है कई बैंक और एन.बी.एफ.सी.स्वर्ण ऋण प्रदान कर रही है वित्तीय संस्थानों की इस संदर्भ सूची में नाम सामने आये है भारतीय स्टेट बैंक,यूनियन बैंक,एच.डी.एफ.सी.बैंक मुथूट फाइनेंस,मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड आदि इन  संस्थानों को इस बाजार की शीर्ष स्थिति तक पहुंचने के लिए एक दूसरे के बीच गाला काट प्रतियोगिता का सामना करना पड़ रहा है संतुष्ट उधारकर्ता बैंक के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है लेकिन कुछ ऐसे भी उधारकर्ता होते है जो स्वर्ण ऋण संस्थानों की सुरक्षा प्रणाली से संतुष्ट नहीं होते है इस अध्ययन का उद्देश्य है कि स्वर्ण ऋण से ग्राहकों को लाभ होता है कि नहीं तथा इसकी प्रक्रिया सरल है कि नहीं।