• April to June 2024 Article ID: NSS8778 Impact Factor:8.05 Cite Score:92683 Download: 429 DOI: https://doi.org/ View PDf

    कबीर के राम व तुलसी के रामः एक अध्ययन

      डॉ. डी.पी. चंद्रवंशी
        सहा. प्राध्यापक (हिन्दी) शासकीय जे.एम.पी. महाविद्यालय, तखतपुर, जिला बिलासपुर (छ.ग.)

शोध सारांश-राम एक व्यापक शब्द है जिसकी व्याख्या संतजन अपनी-अपनी दृष्टि से कहते आ रहे हैं, किन्तु उसका सार एक ही है केवल परमपिता परमेश्वर जो जीव रूपी माया को सन्मार्ग प्रदान कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। विभिन्न जाति, वर्ग, धर्म, समाज चाहे परमपिता को भिन्न-भिन्न नामों से वाच्य करे पर वस्तुतः निष्कर्ष एक ही है वह है- राम। कबीर व तुलसी ने अपनी रचनाओं में राम के सार्थकता को गहनता से संस्पर्श किया है इसी कारण भक्ति काल में राम नाम का जाप अप्रतिम है।