• October to December 2024 Article ID: NSS8864 Impact Factor:8.05 Cite Score:72030 Download: 378 DOI: https://doi.org/ View PDf

    प्रजातांत्रिक विकेंद्रीकरण के पंचायतीराज व्यवस्था का प्रभाव (झाबुआ जिले के अनुसूचित जनजाति के विशेष संदर्भ में)

      मोहन डोडवे
        शोधार्थी (समाजशास्त्र) डॉ. अंबेडकर विश्वविद्यालय, डॉ. अंबेडकर नगर, महू (म.प्र.)
      डॉ. दीपक कारभारी
        शोध निर्देशक, सामाजिक विज्ञान अध्ययनशाला, डॉ. अंबेडकर विश्वविद्यालय, डॉ. अंबेडकर नगर, महू (म.प्र.)

शोध सारांश- पंचायतीराज व्यवस्था राजनीतिक जागरूकता के अलावा आम आदमी के सशक्तिकरण का भी परिचालक है, इसलिये विकेंद्रीकरण शासन वयवस्था और सहभागितामूलक लोकतंत्र पंचायतीराज व्यवस्था के मुख्य घटक है। इसकी सफलता वहां के केवल स्थानीय स्तर पर लोगों की सक्रियता के लिये ही नहीं बल्कि देश में लोकतंत्र के उद्देश्यों की पूर्ति के लिये भी आवश्यक है।

शब्द कुंजी - पंचायतीराज व्यवस्था और अनुसूचित जनजाति पर प्रभाव।