• October to December 2024 Article ID: NSS8898 Impact Factor:8.05 Cite Score:1224 Download: 48 DOI: https://doi.org/ View PDf

    ऋतु परिवर्तन का वायु गुणवत्ता पर प्रभाव ग्वालियर नगर के विशेष संदर्भ में- एक भौगोलिक अध्ययन (2024)

      अजय प्रताप
        शोधार्थी (भूगोल) जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर (म.प्र.)
  • शोध सारांश-  प्रस्तुत शोध अध्ययन के अन्तर्गत वायु गुणवत्ता सूचकांक (।फप्द्ध एवं वायु गुणवत्ता कैलंेडर-2024 से प्राप्त आंकडों को विश्लेषित किया गया है। आंकडों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि मौसम परिवर्तन के साथ वायु गुणवत्ता में भी परिवर्तन होता है। सर्दी के समय वायु गुणवत्ता खराब रहती है। जिसमें मुख्य प्रदूषक पी.एम 2.5 व पी.एम 10 का संकेद्रण बढ जाता है। गर्मी में प्रदूषणों का प्रभाव मध्यम स्तर का रहता है मानसून के समय प्रदूषण के स्तर में तीव्रता से कमी आती है। मानसून, वायु के लिये प्राकृतिक शोधक के रूप में कार्य करता है। नवंबर से जनवरी तक सर्दी के समय में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिये पर्याप्त उपाय किये जाने की आवश्यकता है। इस मौसम में प्रदूषण उच्च स्तर पर होता है। जिससे वायु गुणवत्ता खराब हो जाती है। श्वसन संबधित समस्यायें उत्पन्न होने की संभावना बढ़ जाती है एवं श्वसन संबधित रोगो से ग्रसित लोगो के लिये गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।

    शब्द कुंजी-एक्यूआई, विश्व स्वास्थ्य संगठन, वायुगुणवत्ता कैलेंडर, पीएम10, पीएम 2.5, ओजोन, तापमान एवं वायुदाब।