• January to March 2025 Article ID: NSS8990 Impact Factor:8.05 Cite Score:120 Download: 14 DOI: https://doi.org/ View PDf

    नवीकरणीय ऊर्जा: भविष्य की आवश्यकता

      प्रो. रेणुका पाटीदार
        सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) भेरुलाल पाटीदार शा. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महू , जिला इंदौर (म.प्र.)
  • शोध सारांश- पृथ्वी पर सभी जीवन रूपों को अपने विकास के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। हम इसे विभिन्न स्रोतों से प्राप्त करते हैं। इस प्रकार, आप देखते हैं कि कपड़े से लेकर भोजन तक जो कुछ भी आप उपयोग करते हैं, वह सब हम पृथ्वी पर मौजूद संसाधनों से प्राप्त करते हैं। दैनिक मानवीय गतिविधियों के लिए ऊर्जा का मुख्य स्रोत प्राकृतिक संसाधन हैं। हालाँकि, इन संसाधनों का उपयोग करने से हमारे आस-पास का वातावरण भी प्रभावित होता है। इस प्रकार, आप देखते हैं कि हमारे पास नवीकरणीय ऊर्जा और गैर-नवीकरणीय ऊर्जा है। ऊर्जा देश के आर्थिक विकास के लिए प्रमुख संसाधन हैं । प्राकृतिक वातावरण से प्राप्त होने वाला कोई भी स्थाई ऊर्जा स्त्रोत एक अक्षय ऊर्जा स्त्रोत हैं । नवीकरणीय ऊर्जा वह ऊर्जा हैं जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं से उत्पन्न होती हैं और लगातार पुनः भरती रहती हैं । ये स्त्रोत लगातार नवीकृत होते रहते हैं और खत्म नहीं होते । चूँकि विश्व स्तर पर धारणीय सतत विकास की अवधारणा पर जोर दिया जा रहा हैं । अतः यह नवीकरणीय ऊर्जा संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दिए गए सतत विकास के 17 लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण संसाधन की भूमिका निभाती हैं । इस शोध पत्र में हम नवीकरणीय ऊर्जा के प्रकार , उसके साधन एवं महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानेगे ।

    शब्द कुंजी  - सतत विकास , आर्थिक विकास , प्रदूषण , संयुक्त राष्ट्र संघ ।