• January to March 2025 Article ID: NSS8999 Impact Factor:8.05 Cite Score:58 Download: 9 DOI: https://doi.org/ View PDf

    वर्तमान परिप्रेक्ष्य में लैंगिक असमानता: कारण, प्रभाव और समाधान

      प्रो. आरती बारोठिया
        सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र) भेरूलाल पाटीदार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महू (म.प्र.)
  • प्रस्तावना- ‘’जब हम महिलाओं और बालिकाओं में निवेश करते हैं, तो वास्तविकता में हम उन लोगों में निवेश कर रहे होते हैं, जो बाकी सभी क्षेत्रों में निवेश करते हैं’’ मेलिंडा गेट्स का यह कथन प्रत्येक क्षेत्र में न केवल महिलाओं के महत्त्व को रेखांकित करता है, बल्कि उनकी उनकी प्रासंगिकता का भी निर्धारण करता है।  वस्तुतः हम भारत के लोग 21वीं सदी के भारतीय होने पर गर्व करते हैं, बेटा पैदा होने पर खुशी का जश्न मनाते हैं और अगर बेटी का जन्म हो जाए तो शांत हो जाते हैं। वैश्विक महामारी COVID-19 के बाद महिलाओं की स्थिति में गिरावट की आशंका व्यक्त की जा रही है। इसलिये इस समस्या से निपटने में असाधारण सुधारात्मक नीतियों के तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।