• January to March 2025 Article ID: NSS9019 Impact Factor:8.05 Cite Score:16 Download: 4 DOI: https://doi.org/ View PDf

    मध्य प्रदेश में कृषि विकास की आधारभूत संरचना (फसल में नियोजन का अध्ययन)

      डॉ. भावना भटनागर
        सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र) पी.एम.सी.ओ.ई., शासकीय स्नानतकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय, दतिया (म.प्र.)
  • शोध-सारांश- मध्य प्रदेश भारत का एक प्रमुख कृषि राज्य है और यहाँ की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण स्थान है। कृषि न केवल राज्य के लोगों को भोजन उपलब्ध कराती है, बल्कि यह रोजगार का एक प्रमुख स्रोत भी है। इस कारण से कृषि को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है। कृषि विकास के विभिन्न प्रयासों के माध्यम से ही विश्व के विकसित राष्ट्र आज आर्थिक विकास के शिखर पर पहुँच चुके हैं। इंग्लैंड, जर्मनी, रूस और जापान जैसे देशों के विकास में कृषि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और तीव्र औद्योगिकीकरण के लिए आवश्यक आधार प्रदान किया।

        मध्य प्रदेश में कृषि का इतिहास कोई नया इतिहास नहीं है बल्कि यह एक प्राचीन व्यवसाय है। भारतीय समाज में कृषि को अत्यधिक महत्व दिया जाता है। कृषि विकास के महत्व को स्पष्ट करते हुए डॉ. बी.सी. सिंह ने कहा कि "सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था के विकास के लिए कृषि विकास पहले होना चाहिए और यदि किसी क्षेत्र के विकसित होने से दूसरे क्षेत्र के आर्थिक विकास में बाधा आती है तो वह विकसित क्षेत्र कृषि ही होगा जो अन्य क्षेत्रों के विकास को बाधित करेगा।" इस अध्ययन से यह स्पष्ट है कि कृषि का प्रत्येक राष्ट्र की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान होता है क्योंकि कोई भी राष्ट्र खाद्य पदार्थों में आत्मनिर्भरता प्राप्त किए बिना आर्थिक विकास की कल्पना भी नहीं कर सकता।

        मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि यह राज्य की बढ़ती हुई जनसंख्या को पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री उपलब्ध कराती है। औद्योगिक क्षेत्र में बड़े-बड़े उद्योगों को कृषि से ही कच्चा माल उपलब्ध कराया जाता है जैसे कि सूती वस्त्र, चीनी, चाय, कॉफी, जूट, लकड़ी, वनस्पति घी, तेल आदि उद्योग कच्चे माल के लिए मुख्यतः कृषि पर ही निर्भर होते हैं। साथ ही अन्य लघु उद्योगों को भी कृषि द्वारा ही कच्चा माल उपलब्ध कराया जाता है।

        कृषि विकास के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है। कृषि विकास का उद्देश्य है कि कृषि आधारित वस्तुओं का अधिक उत्पादन, अधिक आय, अधिक रोजगार और किसानों के लिए बेहतर जीवन स्तर। इस अध्ययन के माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि कृषि विकास ही आर्थिक विकास की कुंजी है और यदि राष्ट्र इस लक्ष्य को प्राप्त करने में असफल रहता है तो स्वाभाविक है कि उस देश का आर्थिक विकास प्रभावित होगा और उसकी समस्त विकास प्रक्रिया अवरुद्ध हो जाएगी।

    शब्द कुंजी- कृषि, मध्य प्रदेश, अर्थव्यवस्था, रोजगार, विकास।