• January to March 2025 Article ID: NSS9084 Impact Factor:8.05 Cite Score:103963 Download: 455 DOI: https://doi.org/ View PDf

    शेखावाटी प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन स्थलों का एक समीक्षात्मक अध्ययन

      संजू बिशू
        सहायक आचार्या VSY* (इतिहास) राजकीय महाविद्यालय, आहोर, जालोर (राज.)

शेखावाटी प्रदेश का नामकरण - शेखावाटी उत्तर पूर्वी राजस्थान का एक अर्द्ध शुष्क क्षत्रे है। राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनूं तीनों जिलों के सम्मिलित भागों को ‘‘शेखावाटी प्रदेश” के नाम से जाने जाते है। इस क्षेत्र में आजादी से पूर्व 15वीं से 19वीं शताब्दी तक राव शेखा के वंशजों का शासन होने के कारण इसका नाम शेखावाटी प्रचलन में आया। ‘‘शेखावाटी” शब्द का उल्लेख सबसे पहले ‘’बांकीदास की ख्यात” में किया  गया था। बांकीदास के समकालीन कर्नल डब्ल्यू. एस.माली जिन्होंने वर्ष 1803 में शेखावाटी शब्द का प्रयागे किया। इसके बाद में कर्नल जेम्स टॉड ने शेखावाटी का पहला इतिहास लिखा ‘”वंश भास्कर” में शेखावाटी शब्द का प्रयोग किया जाता था। इससे पता चलता है कि शेखावाटी शब्द लगभग ढ़ाई शताब्दी पहले प्रयोग किया जाता था। शेखावाटी का नाम राजपूत कच्छवा सरदार राव शेखा जी के नाम पर  पड़ा है। राव शेखा के वंशज ‘‘शेखावत” कहलाते हैं। शेखावाटी क्षेत्र पाषाणकाल से आजादी तक अपने गौरवशाली अतीत के लिए जाना जाता है।