• July to September 2024 Article ID: NSS9278 Impact Factor:8.05 Cite Score:8988 Download: 132 DOI: https://doi.org/ View PDf

    मनुष्य जीवन में अध्यात्म की प्रासंगिकता: एक ऐतिहासिक अध्ययन

      डॉ. मंजुला निंगवाल
        सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (इतिहास) भेरूलाल पाटीदार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महू (म.प्र.)
       

शोध सारांश - आज मनुष्य अवसाद, तनाव, मानसिक शान्ति, मानसिक संतुलन , भौतिक संसाधनों का अत्यधिक लालच आदि से ग्रसित हो चुका है। वह सब कुछ तुरंत पा लेना चाहता है। आज के समाज में मानवीय मूल्यों का लोप हुआ है।वह रिश्ते नातों को ताक पर रख कुचक्र, विडम्बनाओं में फंसता जा रहा है।यह सब अध्यात्म से दूर जाने का ही परिणाम है। अध्यात्म मनुष्य के कर्म को परिष्कृत करने का कार्य करता है। प्रस्तुत शोध पत्र में मनुष्य के जीवन में अध्यात्म की प्रासंगिकता का अध्ययन किया गया है।

शब्द कुंजी - अवसाद, भौतिक संसाधन, अध्यात्म, मानवीय मूल्य।