• July to September 2025 Article ID: NSS9362 Impact Factor:8.05 Cite Score:20752 Download: 202 DOI: https://doi.org/ View PDf

    तलाक की बढ़ती प्रवृत्ति : समाज का बदलता चेहरा

      हेमन्त कुमार जैन
        शोधार्थी, क 8 सेक्टर 5 हिरणमगरी उदयपार्क, उदयपुर (राज.)

प्रस्तावना- भारतीय संस्कृति में विवाह को हमेशा से सबसे पवित्र और स्थायी संबंध माना गया है। यह केवल दो व्यक्तियों का साथ नहीं होता, बल्कि दो परिवारों, दो संस्कृतियों और दो परंपराओं का मिलन भी होता है (शर्मा, 2017)। विवाह का अर्थ जीवनभर साथ निभाने की प्रतिज्ञा है, लेकिन आज के समय में यह बंधन पहले जैसी मजबूती के साथ कायम नहीं रह पा रहा है। आधुनिक जीवनशैली, बदलते सामाजिक मूल्य और बढ़ती आत्मनिर्भरता ने विवाह संस्था को नई चुनौतियों के सामने खड़ा कर दिया है (मिश्रा, 2019)। यही कारण है कि तलाक की घटनाएँ तेजी से बढ़ रही हैं और समाज का चेहरा बदल रहा है।