-
October to December 2025 Article ID: NSS9437 Impact Factor:8.05 Cite Score:11056 Download: 147 DOI: https://doi.org/ View PDf
महाभारत युद्ध नीति का समीक्षात्मक अध्ययन: महिला योद्धाओं की भूमिका और उनकी युद्ध नीति
डॉ. बाल कृष्ण प्रजापति
सहा. प्राध्यापक (संस्कृत) शासकीय एस.जी.एस.स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गंज बसौदा जिला, विदिशा (म.प्र.)दुर्गेश लता भगत
सहा. प्राध्यापक (संस्कृत) प .रा .राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय कॉलेज, इटावा (उ.प्र.)
प्रस्तावना
और शोध की आवश्यकता- भारतीय संस्कृति में महाभारत का स्थान अनुपम है। यह केवल
एक महाकाव्य नहीं बल्कि एक ऐसा दर्पण है, जिसमें उस समय के राजनीतिक, सामाजिक, नैतिक
और धार्मिक जीवन की झलक मिलती है। महाभारत को “पञ्चम वेद” भी कहा जाता है क्योंकि इसमें
मानव जीवन के हर पहलू का सूक्ष्म वर्णन है। इसमें कुरुक्षेत्र का युद्ध केवल साम्राज्य
की प्राप्ति का संघर्ष न होकर धर्म और अधर्म, न्याय और अन्याय तथा नीति और कूटनीति
की टकराहट का प्रतीक है।
