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October to December 2025 Article ID: NSS9442 Impact Factor:8.05 Cite Score:8293 Download: 127 DOI: https://doi.org/ View PDf
आयुष्मान भारत एवं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से जीवन में बदलाव का विश्लेषणात्मक अध्ययन (सतना जिले के संदर्भ में)
आभा सिंह कुशवाहा
शोधार्थी, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जिला-सतना (म.प्र.)डॉ. अंजनी कुमार पाण्डेय
प्राध्यापक (अर्थशास्त्र) विभाग शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जिला-सतना (म.प्र.)
शोध सारांश- आयुष्मान भारत एवं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार
की एक महत्वकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य हर भारतीय नागरिक को स्वास्थ्य सेवाओं
का निःशुल्क लाभ मिले। पिछले कुछ दशकों में हमारे देश के विभिन्न स्वास्थ्य संकेतको
में सुधार हुआ है जबकि जेब से होने वाला खर्च लाखों लोगों को गरीबी की स्थिति में लाता
है। यह अभी भी चिंता का बड़ा विषय है इस समस्या को दूर करने और अस्पतालों में भर्ती
होने वाले आबादी के कमजोर वर्गों को द्वितीयक और तृतीयक देखभाल प्रदान करने के लिए
प्रतिवर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने के उद्देश्य वर्ष
2018 में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की गई जिसमें तत्कालीन राष्ट्रीय
स्वास्थ्य बीमा योजना को शामिल कर लिया गया।
पैनलबद्ध अस्पतालों में निशुल्क और कागज रहित सेवाओं तक पहुंच के लिए इसके अंतर्गत करीब 10.74 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवार (लगभग 50 करोड लोग) इन लाभों के हकदार हैं। इसमें अस्पताल में भर्ती होने से पहले तीन दिन और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 15 दिन डायग्नोस्टिक और दावों के रूप में होने वाला खर्च शामिल है। परिवार का आकार, आयु या लिंग की कोई सीमा नहीं है ताकि लाभार्थी परिवारों के सभी सदस्यों को इसमें शामिल करना सुनिश्चित किया जा सके।
शब्द कुंजी- आयुष्मान भारत, वैश्विक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली, जागरूकता, अपनी जेब से खर्च, सार्वजनिक वित्त पोषित स्वास्थ्य बीमा, सार्वभौमिक स्वास्थ्य ।
