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October to December 2025 Article ID: NSS9489 Impact Factor:8.05 Cite Score:8143 Download: 126 DOI: https://doi.org/ View PDf
भारतीय ज्ञान परम्परा और रहीम: एक अध्ययन
डॉ. राजाराम परते
सहायक प्राध्यापक (हिन्दी) शासकीय महाविद्यालय, बिजावर, जिला-छतरपुर (म.प्र.)
शोध सारांश - भारतीय ज्ञान परंपरा एक समृद्ध और विविधतापूर्ण परंपरा है, जिसमें धार्मिक , दार्शनिक, नैतिक और व्यावहारिक ज्ञान का अद्धितीय संगम देखने को मिलता है। रहीम मुगलकाल के प्रमुख कवि, दार्शनिक और दरबारी कवि थे, जिन्होंने अपनी रचनाओं में भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों और तत्वों को समाहित किया। भारतीय ज्ञान परम्परा वेदों, उपनिषदों, महाकाव्यों (यथा-रामायण, महाभारत,) स्मृतियों, पुराणों और लोक साहित्य के माध्यम से विकसित हुई है, इस परम्परा में धर्म, कर्म, सत्य, अहिंसा, शील, सहिष्णुता और लोकहित जैसे मूलभूत तत्व हैं। यह शोधपत्र भारतीय ज्ञान पंरपरा की प्रमुख विशेषताओं का परिचय कराता है, और रहीम के साहित्य में इन तत्वों की उपस्थिति का विश्लेषण करता है।
शब्द कुंजी - अहिंसा, सहिष्णुता, सनातन, आध्यात्मिकता, बसुधैव कुटुम्बकम्, दिव्यता, आत्मनियंत्रण, उद्घोष आदि।
