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October to December 2025 Article ID: NSS9496 Impact Factor:8.05 Cite Score:5599 Download: 104 DOI: https://doi.org/ View PDf
मध्यप्रदेश राज्य में अनुसूचित जाति व जनजाति के कल्याण हेतू राज्य सरकार की योजनाओं का विश्लेषणात्मक अध्ययन
डॉ. अनुपमा यादव
शोध निर्देशक, बाबुलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भोपाल (म.प्र.)अनिल कुमार रजक
शोधार्थी, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल (म.प्र.)
शोध सारांश- प्रस्तुत शोध अध्ययन का उद्देश्य मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगो का मध्यप्रदेश की योजनाओं का लाभ के बारे में अध्ययन करना। अनूसूचित जाति व जनजाति के अधिकार व जीवन संस्कृति के बारे में पता लगाना हैं। शोध-प्रपत्र मध्यप्रदेश आदिवासी बाहुल्य राज्य पर केन्द्रित हैं, भारत के मध्यप्रदेश राज्य में जनजातीय जनसंख्या बहुतायत में पाई जाती हैं। ये जनजातीय समूह प्रदेश के अनेक अंचलों जैसे मालवा, बुन्देलखण्ड, बघेलखण्ड व महाकौशल में निवास करती हैं। राज्य की सीमा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान आदि क्षेत्र से जुड़े होने के कारण इन प्रदेश की भी कुछ जनजातियाॅ सीमान्त क्षेत्रो में निवासरत हैं। इसलिए मध्यप्रदेश को जनजातियों में जनसंख्या की अधिवत्ता का क्रम के अनुसार गौड़, भील, कौल कमार, उराँव, सहरिया अनूसूचित जाति चमार, मेहरा, कौरी, मीणा हैं मध्यप्रदेश शासन के जनजातिय कार्य विभाग द्वारा जनजातियों के विकासार्थ शैक्षणिक आर्थिक एवं अन्य विकास योजनाएँ संचालित हैं, जो उनके विकास में बहुत ही सहायक हैं।
शब्द कुंजी-मध्यप्रदेश
में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति पिछड़ी जनजाति आदिवासी, उपयोजना सामाजिक आर्थिक,
सास्कृतिक, कल्याण योजनाएँ ।
