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October to December 2025 Article ID: NSS9530 Impact Factor:8.05 Cite Score:3001 Download: 75 DOI: https://doi.org/ View PDf
12 वीं शताब्दी से 19 वीं शताब्दी के मध्य के प्रमुख युद्ध और भारत की ऐतिहासिक दशा का पुर्ननिर्धारण
डॉ. आकाश ताहिर
सहा. प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (इतिहास) पी.एम.सी.ओ.ई. शास.कला एवं विज्ञान महाविद्यालय, रतलाम (म.प्र.)
शोध सारांश- भारत का इतिहास केवल राजवंशों
और शासन-परिवर्तन की कथा नहीं है, बल्कि यह निरंतर संघर्ष, युद्ध और प्रतिरोध की भी
गाथा है। भारत का इतिहास युद्धों, संधियों और सत्ता-संघर्षों की निरंतर प्रक्रिया से
निर्मित हुआ है। प्राचीन काल से लेकर सन् 1947 ई. तक भारत में हुए युद्धों ने न केवल
सत्ता परिवर्तन किए, बल्कि सामाजिक संरचना, आर्थिक नीति, सैन्य संगठन और राष्ट्रीय
चेतना को भी गहराई से प्रभावित किया। इस शोध-पत्र में तराइन के युद्धों से लेकर सन्
1857 ई. के स्वतंत्रता संग्राम तक के प्रमुख युद्धों का विश्लेषण किया गया है। यह शोध-पत्र
भारत की स्वतंत्रता से पूर्व हुए उन प्रमुख युद्धों का विश्लेषण करता है, जिन्होंने
भारत की ऐतिहासिक दिशा को निर्णायक रूप से परिवर्तित किया और अंततः औपनिवेशिक शासन
के विरूद्ध राष्ट्रीय आंदोलन की नींव रखी।
