• January to March 2026 Article ID: NSS9587 Impact Factor:8.05 Cite Score:1673 Download: 56 DOI: https://doi.org/ View PDf

    भारत विभाजन एवं कारण, मानवीय त्रासदी और दीर्घकालिक प्रभाव

      डॉ. सचिन कुमार
        एसोसिएट प्रोफेसर (इतिहास) डी.ए.वी. कॉलेज, मुजफ्फरनगर (उ.प्र.)

शोध सारांश-  15 अगस्त 1947 को भारत ने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की, परंतु यह स्वतंत्रता एक भयावह विभाजन के साथ आई। भारतीय उपमहाद्वीप का दो राष्ट्रों-भारत और पाकिस्तान-में विभाजन आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक थी। यह विभाजन उपनिवेशवाद की समाप्ति की सबसे रक्तरंजित घटनाओं में से एक था। दो महीने के भीतर डेढ़ करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हुए और दस लाख से अधिक लोगों की हत्या हुई। यह विस्थापन इतिहास का सबसे बड़ा जबरन प्रवासन था, जिसने करोड़ों लोगों के जीवन को स्थायी रूप से बदल दिया।

शब्द कुंजी-विभाजन, द्वि-राष्ट्र सिद्धान्त, माउंटबेटन योजना, रैडक्लिफ रेखा, मुस्लिम लीग।