• January to March 2026 Article ID: NSS9657 Impact Factor:8.05 Cite Score:264 Download: 20 DOI: https://doi.org/ View PDf

    भारत में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते साइबर अपराध - समस्या एवं निवारण

      विजय लक्ष्मी जोशी
        सहायक प्राध्यापक, शासकीय विधि महाविद्यालय, शाजापुर (म.प्र.)

शोध सारांश-  वर्तमान युग डिजीटल युग हैं जहाॅ हर कोई बच्चा, बड़ा, महिला, पुरूष मोबाइल, कम्प्युटर, के माध्यम से कहीं न कहीं इंटरनेट का उपयोग कर रहा हैं। तकनीकि के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही इसका दुरूपयोग भी होने लगा एवं एक विकट समस्या सामने आकर खड़ी हुई जिसका नाम हैं साइबर अपराध। वर्तमान मंे फीशींग, आॅनलाइन फ्राड, साइबर मानहानि, ईमेल फ्राड, मनीलाड्रींग, डाटा डिडलिंग, चाइल्ड पोनोग्राफी, हेकिंग, ई-मेल स्पूफिंग, पाइरेसी, स्टाॅकिंग, के्रडिट कार्ड फ्राड, साइबर आतंकवाद आदि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। महिलाएॅ विशेषकर किशोर युवतियाॅ एवं गृहणियाॅ, बच्चे इन अपराधों का आसानी से शिकार हो जाते हैं क्योंकि उनमें जागरूकता एवं अपराध का प्रतिकार करने की शक्ति अन्य वर्गाें की अपेक्षा कम होती हैं। महिलाओं के विरुद्ध होने वाले साइबर अपराध साइबर स्टाॅकिंग, प्रोनोग्राफी, ई-मेल स्पूफिंग, साइबर मानहानि, ट्रोलिंग, साइबर बुलिंग, पहचान चोरी, साइबर गु्रमींग, माॅर्फिंग, आॅनलाइन यौन उत्पीड़न, सेक्सटाॅर्सन है। प्रस्तुत शोधपत्र में साइबर अपराध को परिभाषित कर महिलाओं के विरुद्ध होने वाले साइबर अपराधों एवं उनसे जुड़े कानूनों, चुनौतियों, सरकारी प्रयासों का संक्षेप में वर्णन कर निष्कर्ष निकाला गया है।

शब्द कुंजी- साइबर अपराध, महिलाओं के विरुद्ध साइबर अपराध, विधियाॅ, चुनौतियाॅ।