-
July to September 2025 Article ID: NSS9659 Impact Factor:8.05 Cite Score:438 Download: 21 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9659 View PDf
कलात्मक अभिव्यक्ति एवं कोविड-19 संकट: राज्य ललित कला अकादमी लखनऊ द्वारा प्रदान किए गए मंच का मूल्यांकन
शिवांशु गिरि
रिसर्च स्कॉलर (ड्राइंग एवं पेंटिंग) छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर (उ.प्र.)डॉ. राजकिशोरी सिंह
प्रोफेसर (ड्राइंग एवं पेंटिंग) ए.एन.डी.एन.एन.एम. महाविद्यालय, कानपुर (उ.प्र.)
शोध सारांश- कोविड-19 महामारी के बाद संपूर्ण
विश्व पर सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधि को काफी प्रभावित करने वाले परिणाम सामने
आए हैं। सामान्य जीवन में कई प्रतिबंध होने के पश्चात गैलरी बंद होने और
प्रदर्शनियों के रद्द होने से कलाकारों की आजीविका और उनकी रचना करने की
प्रक्रियाएं बाधित हुईl भारत में इस कठिन दौर
में कलात्मक गतिविधियों को जारी रखने के लिए सांस्कृतिक संस्थाओं ने कई रूपों में
भूमिका निभाई। यह शोध पत्र कोविड-19 संकट के दौरान कलात्मक
अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करने वाले तथा समर्थन देने वाले लखनऊ स्थित राज्य ललित
कला अकादमी की भूमिका का मूल्यांकन करता है।
अध्ययन में यह पता लगाया गया है, कि अकादमी में
प्रदर्शनियां कार्यशालाओं छात्रवृत्तियों और महामारी के बाद की पहलुओं के लिए किस
प्रकार अवसर दिए गएlजिससेकलाकारों के
द्वारा सामना कीगयी चुनौतियों का भी विश्लेषण करता है, औरसंकट के समय में सांस्कृतिक
निरंतर को बनाए रखने के लिए संस्थागत मंचों के महत्व पर प्रकाश डालता है l
