• January to March 2026 Article ID: NSS9669 Impact Factor:8.05 Cite Score:287 Download: 21 DOI: https://doi.org/ View PDf

    भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीमा शुल्क का प्रभाव

      लखन लाल कलेशरिया
        सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) शासकीय कन्या महाविद्यालय, सीहोर (म.प्र.)

प्रस्तावना - प्राचीन काल में विदेश जाकर व्यापार करने वाले व्यापारी विक्रय योग माल को साथ लेकर व्यापार करने जाते थे। यह व्यापारी जिस राज्य या देश में व्यापार करने जाते थे वहां पहुंचकर वहां के राजा को बहुमूल्य उपहार या नजराना देकर उनसे व्यापार करने अर्थात अपने साथ लाए माल का विक्रय करने एवं स्थानीय बाजार से अन्य माल क्रय करने की अनुमति प्राप्त करते थे। स्थानीय राजा को उपहार देने की यही प्रथा कस्टम(ब्नेजवउ) कालांतर में कर कर में परिवर्तित हो गई तथा वर्तमान में कस्टम ड्यूटी के नाम से जानी जाती है। ऐतिहासिक दृष्टि से सीमा शुल्क विश्व में सबसे प्राचीन कर है। कर के प्रमाण वैदिक युग में मिलते हैं वर्तमान में विश्व का शायद ही कोई ऐसा देश होगा जहां कस्टम ड्यूटी या सीमा शुल्क नहीं लगाया जाता है। प्रारंभ में शुल्क विदेश से आकर व्यापार करने वाले व्यापारी के लाभ पर लगाया जाता था। लेकिन वर्तमान में यह शुल्क माल की मात्रा या मल के मूल्य पर लगाया जाता है वर्तमान में विदेश से आयात किए जाने वाले माल पर आयात शुल्क तथा भारत में बाहर निर्यात किए जाने वाले माल पर निर्यात शुल्क लगाया जाता है। आयात शुल्क एवं निर्यात शुल्क को संयुक्त रूप से सीमा  शुल्क कहा जाता है।सीमा शुल्क करों का भर आया तथा निर्यात होने वाली वस्तुओं की मांग एवं पूर्ति की लोच के आधार पर उत्पादक एवं उपभोक्ता पर पड़ता है यदि वस्तु की मांग बेरोजगार है। तो सीमा कर का भार उपभोक्ता पर पड़ेगा यदि वस्तु की मांग रोजगार है। तो सीमा कर का भार उत्पादक वर्ग पर पड़ता है। इस प्रकार पूर्ति रोजगार होने पर सीमा शुल्क के भर उपभोक्ता पर तथा बेरोजगार पूर्ति में भर उत्पादों को स्वयं सहन करना पड़ता है। सीमा शुल्क से भारत की अर्थव्यवस्था बहुत ज्यादा मजबूत हुई है। कालांतर में भारत ने अपने आयात कम किए हैं और अपने निर्यातों को बढ़ावा दिया है जिससे भारत की राजस्व एवं अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का भंडार बढ़ता जा रहा है। हम इस शोध के माध्यम से यह जानना चाहेंगे की सीमा शुल्क से भारत के अर्थव्यवस्था कितनी मजबूत हुई है और यहां के लोगों की प्रति व्यक्ति आय में क्या असर पड़ा है।