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January to March 2026 Article ID: NSS9696 Impact Factor:8.05 Cite Score:90 Download: 6 DOI: https://doi.org/ View PDf
तनाव प्रबंधन में गौतम बुद्ध के आष्टांगिक मार्ग का विश्लेषणात्मक अध्ययन
डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे
सहायक प्राध्यापक (राजनीति विज्ञान) शासकीय महाविद्यालय, लालबर्रा, जिला बालाघाट (म.प्र.)
शोध सारांश- आज की भागदौड़ भरी जिदंगी में प्रत्येक व्यक्ति
चाहे महिलाए हो या पुरुष, बच्चे हो या बूढ़े सभी को घर, परिवार,
रिश्ते नाते,
ऑफिस और कॅरियर में सन्तुलन बनाए रखने
के लिए जूझते है ऐसे में अक्सर उनकी शारीरिक,
मानसिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ता
है। जीवन में बेहतर कर गुजरने की महत्वाकांक्षा, दूसरे से आगे निकलने की चाह तथा
समय से पहने सब कुछ प्राप्त करने की इच्छा इतियादी। यह सब व्यक्ति के जीवन में
तनाव, अवसाद, चिंता करियर खोने का डर की भावनाएं उत्पन्न करती है। ऐसी
स्थिति में तनाव से कैसे सामना करे, जीवन का बेहतर
प्रबंधन कैसे हो, आदी बातो को समझने एवं जानने के लिए तथागत गौतम बुध्द के आष्टांगिक मार्ग (सम्यक मार्ग) की आवश्यकता महसूस
होती है। जिन्होने 2587 वर्ष पूर्व तथागत गौतम बुद्ध ने परिव्राजको (उपासक, उपासिको) को
आष्टांगिक मार्ग का उपदेश देकर जीवन में तनाव मुक्ति रहने तथा बेहतर कौशल क्षमता के
माध्यम से, शान्ति, सदभाव से जीवन जीने की शिक्षाए दी हैं।
शब्द कुंजी- तनाव, आष्टांगिक मार्ग, गौतम बुद्ध, प्रबंधन, शिक्षा, शांति ।
