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January to March 2026 Article ID: NSS9701 Impact Factor:8.05 Cite Score:69 Download: 6 DOI: https://doi.org/ View PDf
मृच्छकटिकम् प्रकरण ग्रन्थ में भारतीय ज्ञान परम्परा के विविध सन्दर्भ
डॉ. मीनाक्षी सिंह
सहायक प्राध्यापक (संस्कृत) प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, इन्दौर (म.प्र.)
शोध सारांश- संस्कृत साहित्य में प्रसिद्ध प्रकरण ग्रन्थमृच्छकटिकम्
जिसके लेखक महाकवि शूद्रक
है जो भारतीय ज्ञान परम्परा के आलोक में एक समग्र, अन्तर्विषयक एवं
अकादमिक अध्ययन प्रस्तुत करता है। यह प्रकरणग्रन्थ केवल प्रेमकथा या सामाजिक रूपक
न होकर भारतीय जीवन-दर्शन, नैतिकता,
राजनीति,
अर्थव्यवस्था,
नारी
चेतना तथा लोक-संस्कृति का जीवन्त उदाहरण है।
मृच्छकटिकम्में
शास्त्रीय चिन्तन और लोकानुभव का अद्भुत समन्वय है, जो भारतीय ज्ञान
परम्परा की मूल विशेषता है। धर्म, अर्थ
और काम—तीनों पुरुषार्थ यहाँ नैतिक मर्यादा के अन्तर्गत प्रतिष्ठित हैं। चारुदत्त
और वसन्तसेना जैसे पात्र भारतीय मूल्य-बोध के आदर्श प्रतिनिधि हैं।
शब्द कुंजी-मृच्छकटिकम्, भारतीय ज्ञान परम्परा, संस्कृत नाटक, धर्म-दर्शन, नारी चेतना।
