• January to March 2026 Article ID: NSS9714 Impact Factor:8.05 Cite Score:45 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    श्रीशिवमहापुराण की सूक्तियां का दार्शनिक अनुशीलन एवं आलंकारिक वैशिष्ट्य

      भुवनेश गिरि
        शोधार्थी - संस्कृत, ज्योतिर्विज्ञान एवं वेद अध्ययनशाला, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन (म.प्र.)

शोध सारांश-  प्रस्तुत शोध शिव महापुराण की विविध संहिताओं में निहित कुछ प्रमुख सूक्तियां के दार्शनिक और अलंकारिक पक्ष का अध्ययन करता है शोध का उद्देश्य यह है कि शिव महापुराण में केवल धार्मिक कथाओं का संकलन नहीं है अभी तो दार्शनिक सत्य को अलंकारों के माध्यम से जनमानस के लिए हृदय ग्राही रूप में प्रस्तुत करना है। इसी शोध में उपमा रूपक काव्य लिंग कारण माल जैसे अलंकारों का शास्त्रीय लक्षणों के आधार पर विश्लेषण किया गया है। निष्कर्ष रूप में यह शोध  पत्र  विषय को सिद्ध करता है कि  भक्ति - विज्ञान और वस्त्र- रंग न्याय के प्रमुख सिद्धांत केवल दार्शनिक धरातल पर ही महत्वपूर्ण नहीं है अपितु वह साहित्य शास्त्र के मानदंडों पर भी खरे उतरते हैं।

शब्द कुंजी- श्रीशिवमहापुराण , आलंकारिक विश्लेषण, कारणमाला अलंकार, भक्ति - विज्ञान, सत्य ।