• April to June 2025 Article ID: NSS9732 Impact Factor:8.05 Cite Score:28 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    उदयपुर के शैव मतावलम्बीय पर्यटन स्थल

      डॉ. मनोज दाधीच
        सहायक आचार्य (इतिहास) पेसिफिक सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय, PAHER विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज.)
      कविता विश्नोई
        शोधार्थी (इतिहास) पेसिफिक सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय, PAHER विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज.)

प्रस्तावना- राजस्थान राज्य के दक्षिण-मध्य भाग में अवस्थित मेवाड़ रियासत जिसे पूर्वकाल में उदयपुर राज्य और चित्तौड़गढ़ राज्य के नाम से सम्बोधित किया जाता था में आधुनिक राजस्थान के उदयपुर राजसमंद, चित्तौड़ और भीलवाड़ा जिले समाहित है। मेवाड़ रियासत को दीर्घ अवधि तक गुहिल और सिसोदिया राजवंश के शासकों ने शासित किया था।1 मेवाड़ का धार्मिक परिदृश्य प्राचीनकाल से ही वैविध्यपूर्ण और समृद्ध रहा है। इस रियासत में हिन्दू जैन और बौद्ध धर्म का व्यापक प्रभाव रहा है। इस रियासत के आराध्य दवों में भगवान शिव और विष्णु को प्रमुखता प्राप्त है। यहाँ ही वैविध्यपूर्ण धार्मिक संस्कृति, समृद्ध, गौरवशाली और जीवंत परम्पराओं की साक्षी रही है। यहाँ के महाराणाओं ने धर्म और धार्मिक प्रभावों के सरंक्षण और संवर्द्धन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।