• January to March 2026 Article ID: NSS9751 Impact Factor:8.05 Cite Score:117 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    गुप्तकालीन मुद्राओं का ऐतिहासिक अध्ययन

      डॉ. सुमित मेहता
        सहायक आचार्य, राजकीय कला महाविद्यालय, सीकर (राज.)

प्रस्तावना - गुप्त साम्राज्य (319दृ550 ईस्वी) का उदय भारतीय इतिहास की वह धुरी है, जिसने प्राचीन भारत को ‘स्वर्ण युग की संज्ञा प्रदान की। मौर्यों के पतन के उपरांत भारत में व्याप्त राजनीतिक विखंडन को समाप्त कर गुप्त शासकों ने न केवल एक विशाल साम्राज्य की नींव रखी, बल्कि एक ऐसी सुदृढ आर्थिक व्यवस्था विकसित की, जिसका आधार उनकी अद्वितीय स्वर्ण मुद्राएं थीं। इन मुद्राओं को समकालीन अभिलेखों में ‘दीनारकहा गया है, जो कुषाणों के ‘दिनारियसशब्द का भारतीयकरण था।