• July to September 2025 Article ID: NSS9759 Impact Factor:8.05 Cite Score:14 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    ग्रामीण विकास में जल संसाधनों का आर्थिक मूल्यांकन: शाजापुर जिलेे के सन्दर्भ में

      रवि भिलाला
        शोधार्थी, (भूगोल) पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय माधव कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, उज्जैन (म.प्र.)

प्रस्तावना: विश्व स्तर पर प्रत्येक विकासशील देशांे में ग्रामीण जनसंख्या की प्रधानता है। भारत सहित अधिकांश विकासशील राष्ट्रों का समग्र राजकीय चिंतन ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के आस-पास रहता है। किन्तु इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति परिलक्षित नहीं हुई है। चूंकि भारत एक विशाल वृहृद जनसंख्या वाला विकासशील देश है। भारत विश्व में चीन के बाद जनसंख्या में दूसरा स्थान रखता है। जनगणना 2011 के अनुसार भारत में विश्व की कुल जनसंख्या की 17.5 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है। भारत की जनसंख्या का लगभग तीन-चैथाई भाग गाँव में निवास करता है, जिसका जीवनयापन करने का मुख्य आधार कृषि तथा कृषि पर आधारित व्यवसाय और प्राथमिक लघु उद्योग है। इस लिए आर्थिक सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र मंे ग्रामीण विकास को महत्व दिया जाता रहा है।