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January to March 2026 Article ID: NSS9770 Impact Factor:8.05 Cite Score:37 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
कोटा संभाग के शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालयों में छात्राध्यापिका की शिक्षा के संदर्भ में आने वाली मानसिक की समस्याओं का सर्वेक्षणात्मक अध्ययन
डॉ. सुरेखा सोनी
शोध पर्यवेक्षक, कैरियर प्वाइंट विश्वविद्यालय, कोटा (राज.)अर्पिता गौतम
शोधार्थी, कैरियर प्वाइंट विश्वविद्यालय, कोटा (राज.)
प्रस्तावना-
शिक्षा ने स्त्री के महत्व
को एक शक्ति के रूप में हमारे सामने प्रस्तुत किया है -
‘‘नारी तो शक्ति
स्वरूप, आत्मा की अमर कला है,
इसके बल पर तो,
सारे जग का व्यवहार चला है।’’
महात्मा गांधी ने भी नारी
शिक्षा के महत्व को इन शब्दों में व्यक्त किया है, ‘‘यदि तुम एक पुरुष को शिक्षित करते
हो तो तुम केवल एक को ही शिक्षित करते हो और यदि एक महिला को शिक्षित करते हो तो एक
पूरे परिवार को शिक्षित करते हो।’’ राधा कृष्णन आयोग के अनुसार, ‘‘स्त्रियों के शिक्षित
हुए बिना किसी समाज के लोग शिक्षित नहीं हो सकते। यदि सामान्य शिक्षा स्त्रियों या
पुरुषों में से किसी एक को देने की विवशता हो, तो यह अवसर स्त्रियों को ही दिया जाना
चाहिए, क्योंकि ऐसा निश्चित होने पर वह शिक्षा उनके द्वारा अगली पीढ़ी तक पहुंच जाएगी।’’
