• January to March 2026 Article ID: NSS9773 Impact Factor:8.05 Cite Score:31 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    अलका सरावगी कृत ‘शेष कादम्बरी’ उपन्यास में नारी जीवन की त्रासदी

      निरुपमा साहु
        गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय, संबलपुर (ओडिशा)

शोध सारांश-  साठोत्तरी महिला लेखिकाओं में अलका सरावगी एक सशक्त मिशाल है । उनमें शालीनता, सादगी, विनम्रता का  संतुलन देखने को मिलता है । उनके जीवन की जो सच्चाई है, वह उनके रचनाओं। से साफ झलकता है । उन्होंने परंपरावादी उपन्यास के ढांचे को तोड़कर, उपन्यास साहित्य को एक नवीन दिशा प्रदान की । उनका साहित्य गंभीर अध्ययन पर आधारित है । जीवन के खालीपन, अकेलापन और उससे जो संघर्ष उत्पन्न होता है, उसे उन्होंने अपने साहित्य का प्रमुख विषय बनाया है । उनकी रचनाएँ रोजमर्रा के जीवन , उनकी परेशानियों और जटिलताओं को सहज व सरल रूप में उजागर करती  है ।  इसी कारण वे हिंदी साहित्य की एक समृद्ध लेखिका के पद पर प्रतिष्ठित हुई ।