• April to June 2024 Article ID: NSS9777 Impact Factor:8.05 Cite Score:113 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    रामसेवक सोनी ‘प्रकाश’ के काव्य संग्रह ‘परिवेश’ की कविताओं में मानवीय संवेदनाएँ

      सरोज गौतम
        पीएच.डी. शोधार्थी (हिन्दी) शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर उत्कृष्ठ महाविद्यालय, दतिया, जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर (म.प्र.)

प्रस्तावना - रामसेवक सोनी ‘प्रकाश’ समकालीन हिन्दी कविता के एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर थे। सामाजिक चेतना के कवियों में अग्रगण्य और विख्यात कवि सोनी जी ने मानव जीवन की स्थितियों की भीषणता को देखा और उनके मुक्ति की चिंता अपनी कविताओं के माध्यम से की क्योंकि कविता का मुख्य सरोकार मनुष्य होता है। इसलिए कविता का अस्तित्व भी समाज से बाहर संभव नहीं है। कविता सिर्फ वस्तुगत वर्णन नहीं या मूल्यांकन नहीं करती बल्कि वह सामाजिक जीवन में गहरे प्रवेश कर मानवीय चरित्र को उद्घाटित करती है और काव्य संवेदना मनुष्य की संवेदनाओं को बचाये रखने में मदद करती है।