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July to September 2024 Article ID: NSS9780 Impact Factor:8.05 Cite Score:14 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
उदयपुर जिले में तापमान प्रवृत्तियों का दीर्घकालिक अध्ययन:वर्ष 1981 से 2025 की अवधि का सांख्यिकीय विश्लेषण
डॉ. संजय परिहार
सहायक आचार्य (भूगोल) राजकीय महाविद्यालय, सिरोही (राज.)
शोध
सारांश- जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की एक गंभीर वैश्विक समस्या
है, जिसका प्रभाव क्षेत्रीय जलवायु, कृषि, जल संसाधनों तथा मानव स्वास्थ्य पर स्पष्ट
रूप से देखा जा रहा है। प्रस्तुत शोध में उदयपुर जिले के औसत वार्षिक आर्द्र बल्ब तापमान,
उच्चतम तापमान, न्यूनतम तापमान तथा औसत तापमान की दीर्घकालिक प्रवृत्तियों का अध्ययन
किया गया है। शोध मुख्यतः द्वितीयक आँकड़ों पर आधारित है, जो NASA POWER Data
Access Viewer से प्राप्त किए गए हैं। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि वर्ष 1981 से
2023 के मध्य उदयपुर जिले में तापमान प्रवृत्तियों में सामान्यतः वृद्धि दर्ज की गई
है। विशेष रूप से आर्द्र बल्ब तापमान में लगभग 2°C की संचयी वृद्धि पाई गई, जो क्षेत्र
में बढ़ती गर्मी एवं आर्द्रता के संयुक्त प्रभाव को दर्शाती है। उच्चतम एवं औसत तापमान
में भी क्रमिक वृद्धि देखी गई, जबकि न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव के बावजूद दीर्घकालिक
स्तर पर वृद्धि की प्रवृत्ति विद्यमान रही। अध्ययन यह संकेत करता है कि उदयपुर जिले
में सूक्ष्म-जलवायवीय परिवर्तन तीव्र हो रहे हैं, जो भविष्य में कृषि उत्पादकता, जल
संसाधनों, मानव स्वास्थ्य तथा अरावली क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर चुनौतियाँ
उत्पन्न कर सकते हैं।अतः अध्ययन यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि उदयपुर जिले में बढ़ती
तापीय प्रवृत्तियाँ क्षेत्रीय जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत हैं तथा इनके प्रभावों
को कम करने हेतु सतत पर्यावरणीय प्रबंधन एवं जलवायु अनुकूलन नीतियों को अपनाना आवश्यक
है।
शब्द कुंजी- जलवायु परिवर्तन, तापमान प्रवृत्तियाँ, आर्द्र बल्ब तापमान, उच्चतम तापमान, न्यूनतम तापमान औरऔसत
तापमान।
