• April to June 2026 Article ID: NSS9800 Impact Factor:8.05 Cite Score:44 Download: 0 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9800 View PDf

    तुलनात्मक अध्ययन पद्धति : स्वरूप, विकास, महत्व एवं साहित्यिक अनुसंधान में उपयोगिता

      महीपाल दान
        सहायक आचार्य (हिन्दी) सेठ मथुरादास बिनानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नाथद्वारा (जिला राजसमंद) (राज.)

शोध सारांश- तुलनात्मक अध्ययन पद्धति आधुनिक अनुसंधान की एक महत्वपूर्ण एवं वैज्ञानिक पद्धति है, जिसके माध्यम से दो या दो से अधिक साहित्यकारों, कृतियों, भाषाओं, साहित्यिक प्रवृत्तियों अथवा सांस्कृतिक परंपराओं का तुलनात्मक विश्लेषण किया जाता है। यह पद्धति समानताओं एवं भिन्नताओं की खोज के साथ-साथ विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक प्रभावों का अध्ययन भी करती है। आधुनिक हिंदी अनुसंधान में तुलनात्मक अध्ययन पद्धति का विशेष महत्व है क्योंकि इसके माध्यम से साहित्य की व्यापकता, सार्वभौमिकता और अंतर्सांस्कृतिक संबंधों को समझा जा सकता है। प्रस्तुत शोध-पत्र में तुलनात्मक अध्ययन पद्धति के स्वरूप, विकास, सिद्धांत, विशेषताओं, महत्व, सीमाओं तथा साहित्यिक अनुसंधान में उसकी उपयोगिता का विवेचन किया गया है।

शब्द कुंजी-तुलनात्मक अध्ययन, तुलनात्मक साहित्य, अनुसंधान पद्धति, साहित्यिक तुलना, शोध-विधि।