• October to December 2025 Article ID: NSS9804 Impact Factor:8.05 Cite Score:4 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    स्नातक स्तर में अध्ययनरत शारीरिक शिक्षा विषय के विद्यार्थियों की मांसपेशियों की सहनशीलता एवं स्पीड पर प्लायोमेट्रिक प्रशिक्षण और सर्किट प्रशिक्षण कार्यक्रम का तुलनात्मक प्रभाव

      भावना नैनिवाल
        शोधार्थी (शारीरिक शिक्षा) भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज.)
      डॉ. हितेश चंद्र रावल
        सह-आचार्य (शारीरिक शिक्षा) भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज.)

शोध सारांश-  इस अध्ययन का उद्देश्य स्नातक स्तर में अध्ययनरत शारीरिक शिक्षा विषय के विद्यार्थियों का चयनित शारीरिक चरों और मोटर घटकों पर प्लायोमेट्रिक प्रशिक्षण और सर्किट प्रशिक्षण कार्यक्रम का तुलनात्मक प्रभाव" का पता करना था। विषयों के रूप में चयन भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय उदयपुर में अध्ययनरत स्नातक स्तर के शारीरिक शिक्षा विषय का अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को चुना गया था। आयु सीमा अधिकतम 18  से 22 वर्ष तक विद्यार्थियों तक सीमित है। इस अभ्यास में अध्ययन मोटर घटक (गत्यात्मक घटक) एवं शारीरिक क्रिया के चरों को शामिल किया गया था। विद्यार्थियों का चयन यादृच्छिक पद्यति से किया गया था। यह परिकल्पना की गई थी कि स्नातक स्तर में अध्ययनरत शारीरिक शिक्षा विषय के विद्यार्थियों के चयनित शारीरिक क्षमता चर मांसपेशियों की सहनशीलता एवं स्पीड पर प्लायोमेट्रिक प्रशिक्षण और सर्किट प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभाव का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है । उन्हें तीन बराबर समूहों में विभाजित किया गया: समूह- A: सर्किट प्रशिक्षण  समूह, समूह-B: प्लायोमेट्रिक प्रशिक्षण  समूह, और समूह-C: नियंत्रण समूह

विषयों का परीक्षण चुने हुए चरों पर पहले (प्री-टेस्ट) और प्रायोगिक प्रशिक्षण के अंत में (पोस्ट-टेस्ट) किया गया, जो 12 सप्ताह के बाद लिया गया था। प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण ANCOVA द्वारा किया गया। अध्ययन के परिणामों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि सर्किट प्रशिक्षण और प्लायोमेट्रिक प्रशिक्षण कार्यक्रम ने मोटापे से ग्रस्त स्कूली लड़कों के चुने हुए शारीरिक क्षमता  और शारीरिक संरचना घटकों में महत्वपूर्ण सुधार किया।

शब्द कुंजी-सर्किट प्रशिक्षण, प्लायोमेट्रिक प्रशिक्षण और मांसपेशियों की ताकत।