• January to March 2026 Article ID: NSS9815 Impact Factor:8.05 Cite Score:35 Download: 0 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9815 View PDf

    उषा प्रियम्वदा की कहानियों में मानवीय मूल्यों का अनुशीलन : एक विवेचन

      दिनेश कुमार
        शोधार्थी, हिंदी अध्ययन शाला, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन (म.प्र.)

प्रस्तावना-  मूल्य एक अमूर्त गुण है जो किसी वस्तु में निहित होता है तथा उसके महत्व की ओर इंगित करता है। समाज में जो भी घटना घटित होती हैं समाज उनका उचित अथवा अनुचित के रूप में मूल्यांकन करता है और ये मूल्य ही वैल्यू कहलाते हैं। मूल्य निर्धारण में सामाजिक पर्यावरणीय एवं सांस्कृतिक धरोहर का भी महत्वपूर्ण स्थान होता है। मूल्य पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होते हैं। देशकाल और परिस्थिति के अनुसार प्रत्येक समाज एवं राष्ट्र के मूल्य में अंतर होता है। व्यक्ति अपने सामाजिक मूल्यों के अनुरूप अपने अथवा इन्हें प्राप्त करने हेतु अग्रसर एवं प्रयत्नशील रहता है ।