• April to June 2026 Article ID: NSS9821 Impact Factor:8.05 Cite Score:155 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध: कारण एवं निराकरण

      रविना कोचे
        शोधार्थी, शासकीय महाविद्यालय, बिछुआ, जिला छिंदवाड़ा (म.प्र.) राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा (म.प्र.)
      डॉ. पूजा तिवारी
        विभागाध्यक्ष (समाजशास्त्र) शासकीय महाविद्यालय, बिछुआ,जिला छिंदवाड़ा (म.प्र.)

प्रस्तावना-  महिलाएँ समाज की रीढ़ हैं, और उनका सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। महिलाओं के बिना जीवन अधूरा है, और उनके अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

महिलाओं के प्रति अपराध एक गहरी समस्या है, जो समाज के हर वर्ग में व्याप्त है। बलात्कार, छेड़छाड़ और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएँ महिलाओं के आत्मविश्वास को तोड़ती हैं। और उनके अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। हमें महिलाओं के प्रति अपराध के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और उन्हें सुरक्षा और सम्मान दिलाने के लिए करना चाहिए। महिलाओं के बिना जीवन अधूरा है, और उनके अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।