• January to March 2026 Article ID: NSS9822 Impact Factor:8.05 Cite Score:35 Download: 0 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9822 View PDf

    लैंगिक समानता एवं युवाओं का दृष्टिकोण

      प्रीति कुमारी
        सहायक आचार्य (राजनीति विज्ञान) श.कै.रि.सिं. राजकीय महाविद्यालय, सवाईमाधोपुर (राज.)

शोध सारांश-  लैंगिक समानता का अभिप्राय महिलाओं और पुरूषों के पास समान संसाधन या समान आवश्यकताओं से नही हैं बल्कि इसका अभिप्राय महिलाओं, पुरूषों एवं ट्रांसजेंडर के लोगों के अधिकार, जिम्मेदारी एवं अवसर की समानता से हैं। लैंगिक समानता महिलाओं एवं लड़कियों के विरूद्ध हिंसा को रोकने, आर्थिक समृद्धि, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। लैंगिक समानता मूल रूप से निष्पक्षता के मार्गदर्शक सिद्धान्त पर आधारित हैं यहां निष्पक्षता का अभिप्राय बिना किसी प्रकार के पक्षपात या पूर्वाग्रह के न्यायपूर्ण व्यवहार एवं सभी पक्षों के साथ समान व्यवहार करने से हैं। लैंगिक समानता एवं युवाओं का दृष्टिकोण एक अत्यंत महत्वपूर्ण और समकालीन विषय है, जो समाज के विकास, न्याय और समोवशिता से जुड़ा हुआ है। लैंगिक समानता आखिर क्यों किसी भी समाज और राष्ट्र के लिए एक आवश्यक तत्व है। लैंगिक समानता का यह अर्थ नहीं कि समाज में सभी व्यक्ति एक लिंग के हो अपितु समाज में स्त्री और पुरुष को एक समान अधिकार, अवसर, सम्मान और उन्हें समान रोजगार के अवसर प्राप्त होना है। यह केवल कानूनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मानसिकता है, जो समाज की हर परत में झलकती है। सरकार के द्वारा लैंगिक समानता के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही है। हांलाकि आज भी हम उस स्तर को पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं कर पाये है।

लैंगिक असमानता सूचकांक-2021 मे भारत 0.490 स्कोर के साथ 191 देशो मे से 122 वे स्थान पर हैं। पिछले 10 वर्षो में ळप्प् मे भारत की रैंक लगातार बेहतर हुई हैं जो देष मे लैंगिक समानता हासिल करने मे प्रगतिषील सुधार का संकेत देती हैं। लैंगिक समानता के स्तर को प्राप्त करने के लिए सरकार के साथ-साथ समाज और देश के युवाओं का भी विशेष योगदान रहा है।

आज की युवा पीढी इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। उनकी सोच, दृष्टिकोण और सक्रियता समाज को एक नए दिशा में ले जा रही है।

लैंगिक समानता जैसे विषय पर युवाओं में सकारात्मक सोच में वृद्धि हुई है। युवाओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से लैंगिक समानता की वकालत का एक नया आयाम दिया है। महिलाएंे सेना, विज्ञान, खेल और व्यवसाय जैसे क्षेत्रांे में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है।

शब्द कुंजी-संसाधन, आर्थिक समृद्धि, सुरक्षा, निष्पक्षता, पक्षपात, समावेशिता, लैंगिक, समकालीन, अवसर, अधिकार सकारात्मक सोच, दृष्टिकोण, न्याय, सक्रियता, सोशल मीडिया, युवा पीढ़ी, मानसिकता, उत्कृष्ट प्रदर्शन इत्यादि।