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April to June 2025 Article ID: NSS9826 Impact Factor:8.05 Cite Score:10 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
नई कहानी आंदोलन की संवेदनागत एवं शिल्पगत विशेषताएँ : योगदान, महत्व एवं समग्र मूल्यांकन
महीपाल दान
शोधार्थी, ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय जयपुर (राज.)डॉ. राज बाला
शोध निर्देशिका, ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय जयपुर (राज.)
शोध सारांश- स्वातंत्र्योत्तर हिंदी साहित्य में नई कहानी आंदोलन
एक महत्वपूर्ण साहित्यिक उपलब्धि के रूप में स्थापित हुआ। इस आंदोलन ने हिंदी
कहानी को परंपरागत आदर्शवाद, घटनाप्रधानता तथा सामाजिक यथार्थवाद से मुक्त करके
आधुनिक जीवन-बोध, मनोवैज्ञानिक यथार्थ, अस्तित्वगत संकट, संबंधों के विघटन तथा
मध्यवर्गीय चेतना को केंद्र में स्थापित किया। नई कहानी के रचनाकारों ने व्यक्ति
के बाह्य जीवन की अपेक्षा उसके अंतर्जगत, अकेलेपन, संत्रास, कुंठा, मानसिक तनाव और
सामाजिक विसंगतियों को अभिव्यक्ति दी। प्रस्तुत शोध-पत्र में नई कहानी आंदोलन की
पृष्ठभूमि, संवेदनागत एवं शिल्पगत विशेषताओं, प्रमुख कहानीकारों, योगदान, महत्व
तथा सीमाओं का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।
शब्द कुंजी-नई कहानी, आधुनिकता,
मध्यवर्ग, संवेदना, शिल्प,अस्तित्ववाद, मनोविश्लेषणवाद, आधुनिक जीवन-बोध।
