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April to June 2026 Article ID: NSS9838 Impact Factor:8.05 Cite Score:15 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
बालिका स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संरक्षण: मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्ता सुधार का एक व्यवहारिक मॉडल
श्रीमती संगीता सक्सेना
प्राचार्य, कमला नेहरू सांदिपनि कन्या शासकीय विद्यालय, टी.टी. नगर, भोपाल (म.प्र.)
शोध सारांश- शिक्षा मानव विकास का मूल आधार है, जो समाज में समता और
सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करती है। भारतीय स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बालिकाओं
की भागीदारी बढ़ाने के लिए अनुकूल, सुरक्षित
और स्वस्थ विद्यालयी वातावरण का होना अनिवार्य है। किशोरावस्था (Adolescence) के दौरान छात्राओं को
विशिष्ट शारीरिक और जैविक परिवर्तनों से गुजरना पड़ता है, जिसमें मासिक धर्म स्वास्थ्य
प्रबंधन (Menstrual
Hygiene Management - MHM) और
जल-स्वच्छता (WASH)
सुविधाओं
की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रस्तुत
शोध-पत्र मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में बालिका स्वच्छता की वर्तमान स्थिति
और इसके कारण छात्राओं की उपस्थिति एवं शैक्षणिक प्रदर्शन पर पड़ने वाले प्रभावों
का विश्लेषणात्मक अध्ययन करता है। यह शोध पूर्णतः द्वितीयक स्रोतों, राष्ट्रीय सर्वेक्षणों
(जैसे NFHS-5,
UDISE+ 2024-25) और
विभागीय रिपोर्टों पर आधारित है। अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष दर्शाते हैं कि स्कूलों
में अवसंरचना (Infrastructure)
के
निर्माण के बावजूद उनके नियमित रखरखाव, निरंतर
जल आपूर्ति और वैज्ञानिक जागरूकता के अभाव के कारण छात्राएं मासिक धर्म के दिनों
में विद्यालय से अनुपस्थित रहती हैं, जो
अंततः उनके ड्रॉप-आउट का कारण बनता है। इन चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान के रूप
में, इस शोध-पत्र में एक
अभिनव और कम लागत वाला "5S
मॉडल"
(Safe
Toilets, Safe Water, Sanitary Support, Sensitization, School-Community
Partnership)और
'पिंक हाइजीन कॉर्नर' जैसे नवाचार प्रस्तावित
किए गए हैं। निष्कर्षतः,
यह मॉडल न
केवल छात्राओं की उपस्थिति में सुधार करेगा, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के समावेशी लक्ष्यों की
प्राप्ति में भी सहायक सिद्ध होगा।
शब्द कुंजी-बालिका शिक्षा, WASH, मासिक धर्म प्रबंधन, 5S मॉडल, शासकीय विद्यालय, मध्य प्रदेश, लैंगिक समानता, ड्रॉप-आउट दर।
