• October to December 2025 Article ID: NSS9839 Impact Factor:8.05 Cite Score:7 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    भूगोल में पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण की प्राचीन पद्धतियाँ: भारतीय ज्ञान परंपरा के विशेष संदर्भ में

      डॉ. प्रमिला बघेल
        सहायक प्राध्यापक (भूगोल) शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय, उज्जैन (म.प्र.)

प्रस्तावना : भारतीय ज्ञान परंपरा में प्रकृति को केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न अंग और पूजनीय तत्व माना गया है। प्राचीन भारतीय समाज ने पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए अनेक ऐसी पद्धतियाँ विकसित कीं, जो आज के सतत विकास (Sustainable Development) के सिद्धांतों से मेल खाती हैं। भूगोल के संदर्भ में ये पद्धतियाँ विभिन्न पारिस्थितिकी तंत्रों—वन, जल, भूमि, जैव विविधता तथा जलवायु—के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थीं।