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January to March 2026 Article ID: NSS9843 Impact Factor:8.05 Cite Score:5 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
मिस्र सभ्यता एवं भारतीय सभ्यता अंतर्संबंध एक ऐतिहासिक अध्ययन
डॉ. मंजूला निंगवाल
विभागाध्यक्ष (इतिहास) भेरूलाल पाटीदार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महू (म.प्र.)
शोध
सारांश -मिस्र
सभ्यता 3100 ई.पू. से नील घाटी में
और भारतीय उपमहाद्वीप की हड़प्पा। सिन्धु सभ्यता 2600-1900 ई.पू. से समकालीन रूप में विकसित
हुई। दोनों प्राचीन विश्व की नगरीय, लेखन
युक्त एवं जटिल धार्मिक संरचना वाली सभ्यताएँ थीं। 19 वीं शताब्दी से विद्वानों के बीच
यह प्रश्न रहा है कि क्या दोनों के बीच केवल समकालीनता थी अथवा
प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष अंतर्सबन्ध भी थे। नील नदी की घाटी में विकसित मिस्र सभ्यता और
सिन्धु सरस्वती,
नदी तंत्र
पर पल्लवित भारतीय सभ्यता,
विश्व की
दो प्राचीनतम नगरीय एवं लेखन युक्त संस्कृतियाँ है। दोनों ने 3000 ई.पू. के आसपास राज्य, वास्तु, विज्ञान एवं धर्म के
क्षेत्र में ऐसी उपलब्धियाँ दी जो सहस्राब्दियों तक मानवता को प्रभावित करती रही।
प्रस्तुत शोध पत्र का उद्देश्य मिस्र एवं भारतीय सभ्यता के अन्तर्सम्बन्धों का
अध्ययन करना है।
शब्द कुंजी- सभ्यता, नील घाटी, उपमहाद्वीप, समकालीन संस्कृति, विज्ञान।
