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October to December 2025 Article ID: NSS9847 Impact Factor:8.05 Cite Score:5 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
भारत के ऐतिहासिक स्मारकों का सांस्कृतिक एवं पर्यटन के क्षेत्र में महत्व
डॉ. मंजुला निंगवाल
सहायक प्राध्यापक (इतिहास) भेरूलाल पाटीदार शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महू, इन्दौर (म.प्र.)
शोध सांराश- हमारे देश की सभ्यता विश्व
की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक है। देश की ऐतिहासिक धरोहर विश्वभर में अपनी समृद्ध
संस्कृति एवं विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ अनेक ऐतिहासिक स्मारक स्थित है, जो
कि हमारे देश के गौरवशाली इतिहास, कला, संस्कृति तथा स्थापत्य कौशल के प्रतीक हैं।
देश में विभिन्न कालखण्ड जैसे कि मौर्य, गुप्ता, राजपूत, पल्लव, चोल, मध्यकाल एवं आधुनिक
काल के दौरान निर्मित अनेक स्मारक आज भी सुरक्षित है। इस तरह कि स्मारकों में मंदिर,
गुफा, स्तूप, मस्जिद, किले, महल तथा स्मृति भवन आदि शामिल है। ये स्मारक न केवल भारत
की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते है, बल्कि पर्यटन के विकास में महत्वपूर्ण योगदान
प्रदान करते है। प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 की धारा
2 (क) में परिभाषा है ‘‘प्राचीन स्मारक’’ से कोई संरचना, रचना या स्मारक या कोई स्तूप
या दफनगाह, या कोई गुफा, शैल-रूपकृति, उत्कीर्ण लेख या एकाश्मक जो ऐतिहासिक, पुरातत्वीय
या कलात्मक रूचि का है और जो कम से कम एक सौ वर्षों से विद्यमान हैं। किसी देश को जानना
हो तो वहाँ के इतिहास की पुस्तकें पढ़िऐं और यदि उस देश को पहचानना हो तो वहाँ के विरासत
स्थलों का मुआयना करिए। विरासत स्थल हमारे अतीत का वह आईना है जिसमें काल्पनिक कुछ
भी नहीं होता जो भी होता हैं वास्तविक होता है, किन्तु अचंभित करने वाला और दिलचस्प
होता है। ऐतिहासिक स्मारक हमारी अचल संपतियां है। जिन्हें विशेष ऐतिहासिक, राष्ट्रीय,
क्षेत्रीय, स्थानीय, धार्मिक या प्रतीकात्मक महत्व के कारण पहचाना जा सकता है। भारत
सरकार के संस्कृतिक मंत्रालय का मुख्य अधिदेश प्राचीन सांस्कृति विरासत का परिरक्षण
और संरक्षण तथा मूर्त और अमूर्त कला और संस्कृति का संवर्धन करना है। भारतीय पुरातत्व
सर्वेक्षण की स्थापना भारत सरकार के एक विभाग के रूप में प्राचीन स्मारकों और अवशेषों
का समुचित रूप से अध्ययन और संरक्षण करने की दृष्टि से वर्ष 1861 में की गई थी। हमारा
संविधान के राज्य नीति निर्देशक तत्व भाग चार के अनुच्छेद 49 के अन्तर्गत राष्ट्रीय
महत्व के संस्मारकों, स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण की बात कही गई है। भारतीय संविधान
(42वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976) के (भाग चार) मूल कर्तव्य अनुच्छेद 51क प्रत्येक
भारत के नागरिक का मूल कर्तव्य है कि ऐतिहासिक स्मारकों का संरक्षण एवं सुरक्षा सुनिश्चित
करें।
शब्द कुंजी- स्मारक, सांस्कृतिक, पर्यटन,
अधिनियम।
