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April to June 2026 Article ID: NSS9853 Impact Factor:8.05 Cite Score:9 Download: 0 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9853 View PDf
पर्यावरणीय परिवर्तनों का सामाजिक-आर्थिक प्रभावः एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
डॉ. मीनाक्षी तिवारी
अर्थशास्त्र विभाग, बीसीएस शासकीय पीजी कॉलेज, धमतरी (छ.ग.)
शोध सारांश- वर्तमान समय में पर्यावरणीय संकट विश्व की सबसे गंभीर चुनौतियों
में से एक बन चुका है। जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता का ह्रास, प्रदूषण तथा प्राकृतिक
संसाधनों का अत्यधिक दोहन न केवल पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि इनके
व्यापक सामाजिक एवं आर्थिक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य
पर्यावरणीय परिवर्तनों के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का विश्लेषण करना है। अध्ययन से
ज्ञात होता है कि जलवायु परिवर्तन कृषि उत्पादन, स्वास्थ्य, रोजगार, आय वितरण, गरीबी
तथा मानव विकास को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। साथ ही जैव विविधता
के क्षरण से खाद्य सुरक्षा एवं आजीविका पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। शोध-पत्र में
पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के मध्य संतुलन स्थापित करने हेतु नीतिगत सुझाव भी
प्रस्तुत किए गए हैं।
शब्द कुंजी-पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन,
सामाजिक प्रभाव, आर्थिक विकास, जैव विविधता, सतत विकास।
