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October to December 2025 Article ID: NSS9864 Impact Factor:8.05 Cite Score:24 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
मन्नार की खाड़ी की जैव विविधता पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव: एक समग्र विश्लेषण
डॉ. राजवती दीपंकर
सहायक प्राध्यापक (भूगोल) शासकीय महाविद्यालय, नईगढ़ी जिला मऊगंज (म.प्र.)
शोध सारांश- मन्नार की खाड़ी (Gulf of Mannar) भारत के
दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित एक अद्वितीय समुद्री जैव विविधता हॉटस्पॉट है, जिसे
यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त बायोस्फीयर रिजर्व घोषित किया गया है। यह शोध
पत्र मन्नार की खाड़ी की समृद्ध जैव विविधता पर जलवायु परिवर्तन के बहुआयामी
प्रभावों का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन बताता है कि समुद्र की सतह
के बढ़ते तापमान (Sea Surface Temperature - SST) के कारण प्रवाल विरंजन (Coral
Bleaching) की घटनाएँ बढ़ी हैं, जिससे प्रवाल भित्तियाँ क्षीण हो रही हैं और
शैवालीय फेज़ शिफ्ट (Algal Phase Shift) की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके अतिरिक्त,
अवसादन (Sedimentation), मैक्रोएल्गी (Macroalgae) का प्रसार, और समुद्री जल की
रासायनिक संरचना में परिवर्तन इस पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर खतरे उत्पन्न कर
रहे हैं। शोध से पता चलता है कि यद्यपि मन्नार की खाड़ी का विशिष्ट भौगोलिक स्थान
इसे आसपास के क्षेत्रों की तुलना में अधिक स्थिर वातावरण प्रदान करता है, फिर भी
बढ़ता मानवीय दबाव और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव इसकी पारिस्थितिकीय स्थिरता को
कमजोर कर रहे हैं। अध्ययन में कृत्रिम प्रवाल भित्तियों के पुनर्स्थापन प्रयासों
और दीर्घकालिक संरक्षण रणनीतियों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया है।
