• April to June 2026 Article ID: NSS9876 Impact Factor:8.05 Cite Score:11 Download: 0 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9876 View PDf

    शीलांमाऊ का जमर : सत्य और स्वाभिमान की अमर गाथा

      अशोक दान
        शोधार्थी (इतिहास) ज्योति विद्यापीठ महिला विश्वविद्यालय, जयपुर (राज.)

प्रस्तावना- चारण परंपरा में सत्य और स्वमान (स्वाभिमान) की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने का इतिहास बहुत पुराना रहा है। जब जब धर्म और सत्य पर संकट आया, इस समाज ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ऐसी ही एक ओजस्वी गाथा जैसलमेर रियासत के झणकली गाँव की है, जहाँ शीलांमाऊ ने अपनी जागीर और स्वाभिमान के लिए जमर (अग्नि स्नान) किया।