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January to March 2026 Article ID: NSS9880 Impact Factor:8.05 Cite Score:26 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
स्वामी विवेकानन्द का सामाजिक एवं राजनीतिक चिंतन:एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
दिवाकर पारीक
एमए, नेट (राजनीति विज्ञान) डी 133, आजाद नगर, भीलवाड़ा (राज.)
शोध सारांश- स्वामी विवेकानन्द आधुनिक
भारत के उन प्रमुख चिंतकों में हैं जिनके विचारों ने भारतीय समाज, राजनीति तथा राष्ट्रीय
चेतना को गहराई से प्रभावित किया। यद्यपि उन्होंने स्वयं को राजनीतिक विचारक नहीं माना,
फिर भी उनके चिंतन ने भारतीय राष्ट्रवाद, सामाजिक पुनर्जागरण तथा स्वतंत्रता आंदोलन
की वैचारिक पृष्ठभूमि को नई दिशा प्रदान की। उनका दर्शन व्यक्ति के सर्वांगीण विकास,
नैतिक शक्ति, सामाजिक समरसता तथा आध्यात्मिक चेतना पर आधारित है। प्रस्तुत शोध पत्र
में राष्ट्रवाद, स्वतंत्रता, शक्ति, समाज सुधार, समानता, शिक्षा, मानव निर्माण तथा
विश्वबंधुत्व से संबंधित उनके प्रमुख विचारों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट
होता है कि स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को आधुनिक राष्ट्रीय जीवन
से जोड़ते हुए ऐसा वैचारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जो आज भी सामाजिक, शैक्षिक तथा राजनीतिक
संदर्भों में समान रूप से प्रासंगिक है।
शब्द कुंजी-स्वामी विवेकानन्द, राष्ट्रवाद,
सामाजिक समरसता, मानव निर्माण, शिक्षा, विश्वबंधुत्व।
