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April to June 2026 Article ID: NSS9882 Impact Factor:8.05 Cite Score:124 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf
युद्धों के लिए मेवाड़ का ऐतिहासिक महत्व: एक ऐतिहासिक अध्ययन
डॉ. नरेंद्र सिंह राणावत
सहायक आचार्य (इतिहास) सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी संकाय, भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज.)
शोध सारांश- मेवाड़ भारतीय इतिहास का एक ऐसा क्षेत्र रहा है जिसने प्राचीन, मध्यकालीन तथा आधुनिक काल तक अपनी सामरिक, भौगोलिक एवं राजनीतिक विशेषताओं के कारण विशिष्ट स्थान प्राप्त किया। अरावली पर्वतमाला, दुर्गम घाटियाँ, सुदृढ़ दुर्ग, खनिज संपदा तथा स्वतंत्रता-प्रिय शासकों ने मेवाड़ को युद्धों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र बनाया। विशेष रूप से महाराणा कुम्भा, राणा सांगा तथा महाराणा प्रताप के काल में मेवाड़ विदेशी आक्रमणों के विरुद्ध प्रतिरोध का प्रमुख केन्द्र रहा। प्रस्तुत शोध आलेख में युद्धों की दृष्टि से मेवाड़ के ऐतिहासिक महत्व का विश्लेषण प्राथमिक एवं द्वितीयक स्रोतों के आधार पर किया गया है।
शब्द कुंजी-मेवाड़, युद्ध, सामरिक महत्व, अरावली, चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, महाराणा प्रताप, हल्दीघाटी।
