• January to March 2026 Article ID: NSS9892 Impact Factor:8.05 Cite Score:19 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    प्राचीन भारत में शिक्षा व्यवस्था

      मुक्ता साहू तेली
        एम.ए. (इतिहास) यूजीसी नेट, जी- 465,66 आजाद नगर, भीलवाड़ा (राज.)

प्रस्तावना- यह तो ऐतिहासिक सत्य है कि भारत आदिकाल से ही विश्व को अपने ज्ञान से आलोकित करता रहा है। प्राचीन इतिहास के अध्ययन से प्रतीत होता है कि पूर्व काल में भारत राष्ट्र सभी प्रकार से उन्नत - अभ्युदय शिखर पर था। ज्ञान- विज्ञान, बल- बुद्धि, सुख- संपदा ,व्यापार ,रण कौशल, उद्योग और कला आदि क्षेत्र में भारतवर्ष ने विकास करके सामर्थ्य को प्राप्त किया था। इस सामर्थ्य का कारण यह था कि यहां के लोग ज्ञान परायण थे और शिक्षा केवल पेट पूर्ति के लिए नहीं अपितु मानव को मानवता सीखने का एक साधन भी थी।