• April to June 2026 Article ID: NSS9901 Impact Factor:8.05 Cite Score:29 Download: 0 DOI: https://doi.org/ View PDf

    समावेशी विकास में स्टैंड-अप इंडिया योजना की भूमिका: एक मूल्यांकनात्मक अध्ययन

      डॉ. दीपक कुमार राणा
        सहायक प्राध्यापक (अर्थशास्त्र) टी.पी. कॉलेज, मधेपुरा (बिहार)

शोध सारांश- समावेशी विकास  समकालीन विकास विमर्श की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास के लाभों को समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाना है । भारत में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति  तथा महिलाओं की उद्यमिता में सीमित भागीदारी लंबे समय से चिंता का विषय रही है । इस चुनौती के समाधान हेतु भारत सरकार ने 5 अप्रैल 2016 को स्टैंड-अप इंडिया योजना प्रारम्भ की । योजना का उद्देश्य प्रत्येक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक शाखा द्वारा कम से कम एक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तथा एक महिला उद्यमी को ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का ऋण प्रदान करना था । प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य समावेशी विकास में स्टैंड-अप इंडिया योजना की भूमिका का मूल्यांकन करना है । अध्ययन द्वितीयक आँकड़ों एवं सरकारी रिपोर्टों पर आधारित है । निष्कर्षों से ज्ञात होता है कि योजना ने वित्तीय समावेशन, महिला उद्यमिता, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण तथा रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया । मार्च 2025 तक योजना के अंतर्गत लगभग 2.75 लाख ऋण खाते स्वीकृत किए गए तथा ₹62,790 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई । अध्ययन निष्कर्ष निकालता है कि स्टैंड-अप इंडिया योजना समावेशी विकास को बढ़ावा देने वाली एक प्रभावी सार्वजनिक नीति रही है ।

शब्द कुंजी-समावेशी विकास, स्टैंड-अप इंडिया योजना, महिला उद्यमिता, वित्तीय समावेशन, सशक्तिकरण, रोजगार सृजन ।