• April to June 2026 Article ID: NSS9922 Impact Factor:8.05 Cite Score:59 Download: 0 DOI: https://doi.org/10.63574/nss.9922 View PDf

    कृषि उत्पादों के ई मार्केटिंग का किसानों की आय पर प्रभाव: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

      ज्योति सिंह
        शोधार्थी, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा (म.प्र.)
      डॉ. विद्युत प्रकाश मिश्रा
        प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष (वाणिज्य) राजभानु सिंह स्मारक महाविद्यालय, मनिकवार, जिला रीवा (म.प्र.)

शोध सारांश-  भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां आदि से अधिक जनसंख्या प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है परंपरागत कृषि विपणन व्यवस्था में किसानों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है जैसे विचारों पर निर्भरता, उचित मूल्य का अभाव, बाजार संबंधी जानकारी की कमी तथा विपणन लागत में वृद्धि इन समस्याओं के समाधान हेतु भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देते हुए ई-मार्केटिंग व्यवस्था विशेष कर राष्ट्रीय कृषि बाजार e-NAMजैसे पहलें प्रारंभ की है।

ई-मार्केटिंग के माध्यम से किसानों को विभिन्न मंडियों के मूल्य, खरीददारों तथा विपणन प्रक्रियाओं की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होती है, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और बेहतर मूल्य प्राप्त करने की संभावना बनती है। इससे कृषि उत्पादों के विपणन में पारदर्शिता,दक्षता तथा किसानों की आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ीहैं।

            यह शोध पत्र ई मार्केटिंग किसानों की आय पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण करता है। अध्ययन में द्वितीयक आंकड़ों का उपयोग करते हुए ई मार्केटिंग की उपयोगिता, लाभ चुनौतियां तथा भविष्य की संभावनाओं का मूल्यांकन किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि डिजिटल कृषि विपणन प्रणाली किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, बशर्तें डिजिटल साक्षरता इंटरनेट सुविधा तथा आधारभूत संरचना को और मजबूत बनाया जाए।